लोहारा : इकबाल मुल्ला

लोहारा शहर के शंकरराव जावले पाटील महाविद्यालय मे हिंदी दिन उत्साह मे साजरा किया गया|

यह कार्यक्रम का नियोजन प्रा.इंगळे सुभाष(हिंदी विभाग ) इन्होने नियोजन किया था. यह नियोजित कार्यक्रम के अनुसार प्रा.डॉ.इंगळे सर ने अपनी ओजस्वी वाणी में हिंदी भाषा का महत्त्व स्पष्ट किया।यह कार्यक्रम मौलिक और औपचारिक रूप से हिंदी दिन का महत्त्व प्रतिपादित करते हुये नजर आया। 

हिंदी भाषा का इतिहास संविधान की तरफ लक्ष केंद्रित करते हुये हिंदी भाषा को राजभाषा का दर्जा प्राप्त हुआ। उसी के मुताबिक १४ सितंबर १९४९ को हिंदी दिवस मनाया जाता है। हिंदी यह हमारे आचार-विचार प्रदान करने की एक संप्रेषित भाषा के रूप में हमारे सामने आती है। सरकारी कार्यालयो और बैंकिंग  व्यवहार में भी हिंदी का प्रयोग किया जाता है। पूरे विश्व में हिंदी का चौथा स्थान हैं जैसे  कि पहला स्थान चिनी, दुसरा अंग्रेजी, तिसरा रुसी। दस हिंदी भाषिक प्रदेश के अलावा अहिंदी भाषिक प्रदेश में बोले जाने वाली हिंदी भाषां हमें बहुत कठिनता निर्माण करती हैं, बल्कि ऐसा नहीं होना चाहिए । इन सभी बातों को बड़े विस्तारसे हिंदी दिन के अवसर पर हमारे सामने प्रस्तुत किए।इस प्रसंग के अनुसार उपस्थित  छात्र- छात्रांए , अध्यापकों को हिंदी दिवस की शुभकामनाये और बधाईयां दी।

इस कार्यक्रम में अध्यक्ष स्थानपर प्रा.डॉ. एस.एस.कदम थे, प्रमुख अतिथी प्राचार्य बी.बी.मोटे, कार्यालयीन अधिक्षक विनोद जावळे पाटील, डॉ.प्रा. विनायक पाटील, डॉ. प्रा. बी.एस.राजोळे,  डॉ. प्रा. सुरवसे, डॉ. प्रा. सूर्यवंशी, डॉ.प्रा. मनोज सोमवंशी, प्रा.पी.के. गायकवाड, प्रा.अाष्टेकर, प्रा.आर.एस.धप्पाधुळे, प्रा.डॉ.
पी.व्ही.माने, प्रा.डी.एन.कोटरंगे, बालाजी सगर,  नंदकिशोर माने, देशमुख शिरीष, देवकर पाटील, कदम परमेश्वर, राठोड प्रकाश, फुकटे संजय आदीजण उपस्थित थे.

कार्यक्रम का सूत्रसंचलन डॉ.सी.जी.कडेकर ने किया.यह कार्यक्रम को छात्र छात्राऍ इस बड़ी संख्या में उपस्थित थे।
 
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